Hindi

मंगलवार, 30 अगस्त 2016

तुम जानो

"तुम जानो"

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

सब झूठे झूठे सब याद के
कस्बा है इक नाम के
कैद आँखों में टिमटिमाती
इक काली पुतली नाम की
दिल की यादे सब झूठे
मिल ज इश्क़ादर
तनहा न होंगे तेरे बिन
तू मेरा हो जा रे....

        तनहा न छोड़ इसकदर
        आँखों से शेर लगओ
        खुशिओं से चमकाया हैं
        तुझे अपना बनाना हैं
        बिखर जाऊंगा इसकदर
        काँच की तरह न तोड़
        दिल थाम ले जरा
        दूर न जाओ तुम मुझसे....

जीने की आस कामयाबी
तुम्हे देख के लगता हैं
दुआ में आजा सही
इक दफा मुझे अपनाले जरा
नसा स चढ़ने लगा हैं
तुम अब दूर न जाओ
तेरे बिन हम मर जायेंगे
तेरे बिन हैं अधुरे हम.....

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें