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बुधवार, 17 अगस्त 2016

बंया करने का शब्द नही हैं

"बंया करने का शब्द नही हैं"

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

चमक चमक दिल से महक
मुझको अपना दिल बनाले
चाहु तुझे अल्फाज बनाऊ
दिल में न उदासी रहे अब।।

      मेरे सपनो को दिल से
      मेरा आसमाँ तुम हो
      मेरा जादुई हो कल तुम
      दिल से दिल जो मिला ले।।

तेरे प्यार में दिल बेकाबू
झुर झुरी से शरीर में हो
जुदा होने का दिल नही
मैं तेरे बिना गुमरहा हूँ।।

       देखा हाजरो दफा
       प्यार में दिल मिला
       तू बन गई मेरी जान
       आँख में बसा लिया।

दिल में दबाये रखा
जान ले लेता तेरा
कह देता लव करता हु
टूट जाने का दर्द सताये रखा।

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

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