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सोमवार, 26 सितंबर 2016

गणित-ए-इश्क़

'गणित-ए-इश्क़'

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

चार फॉर्मूले
सब उलझे पड़े
ठिकाना नही।

              गणित पढ़े
              रात दिन एक हैं
              जीरो के जीरो।

                                सफल हुए
                                जीरो दिया भारत
                                चाँद के रास्ते।

पीजीटी पढ़े
कर्ण के लिए मान
लम्ब आधार।

                  मान निकले
                  चतुर्थांस गुम
                  ट्रिगो रटे हैं।

                                  देश में खड़े
                                  विज्ञान से सरल
                                  मैथ्स रटे हैं।

सम्बंध पढ़े
फंक्शन हल किये
डोमेन गुम।

                ये भाषा वाले
                गणित सरल हैं
                बोले फिरे हैं।

                                सलव करो
                                सिट्टी पिट्टी गुम हैं
                                गणित जाने।

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
उम्र-17साल 'विद्यार्थी'
रामनगर,कवर्धा,छत्तीसगढ़


रक्त दान

'रक्त दान महादान'

                             -अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

रक्त दान होता है प्यारी सी
प्यारी सी जान बची तेरे रुख से
उस अनजान को दिल दे दिया
तुझे जीवन भर भुल नही सकता...

  तेरे याद में पल पल जीयेगा
  तेरे सीने का खून बह हैं
  तुझे भुलकर भी नही भुला सकता
  तेरे याद में वो जिन्दा हैं....

    उसका अंतिम बेड़ा तूने दिया हैं
    अपना खून उनके सीने पे तूने दिया
    तुझे चाह कर भी भुलना न पड़े
    तेरे याद पल पल जीयेगा....

      जब जब याद आयेगी उसे
      तेरे रुख का रक्त सीने में बहेगा
      अनजान ही सही तुझे मिला था
      उसके दिल में हमेशा तेरे लिए जगह होगा....

        तुम भूलना मत तूने रक्त लिया हैं
        जरूरत पड़ने पर तू भी देना दान
        तुझे याद है वो पल
        जब तेरे लिए वो खुन दिया
        पल पल याद समेटे रहना.....

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
उम्र-17साल 'विद्यार्थी'
कवर्धा,छत्तीसगढ़,भारत

वो हमसफ़र था

'वो हमसफ़र था'

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

आज रहन दे मेरे को
तेरे लिये शाम ढला
जब जब याद आई
तेरे लिए रोया मैं....

अंजनी राहों में
ढूंढ राह था नई मंजिल कि पता
पंख खुला तो ढूंढते रहा
तुम कही खो गए थे....

हाय मेरा दिल
रो रो के गुजारत हु
तुम न मिले
इश्क़ में कमी ढूंढता हूँ....

तुम न होते तो
मेरा दिल नही फिसलता
मैं तेरे बिन अब रह नही सकता
मर कर भी तुझे दिल से मिटा न सकता....

जुदा न होते अगर मिले न होते
रो रोकर जीने से अच्छा
मिले न होते हम दोनों
क्यों चली गई तुम
यु दुनिया क्यों छोड़ दी????

अनजानी राह में ढुंढता हु
तु हमसफ़र था
धुप छाँव में तुम कहा
रंजिसे थे गुम न होने का
तुम्हें आज भी ढूंढता हूँ....

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
उम्र-17वर्ष 'विद्यार्थी'
कवर्धा,छत्तीसगढ़,भारत


गुरुवार, 22 सितंबर 2016

जीत या हार दोनों में प्यार

रुख़सत कहा है अपनों से दिल की....

कितना समय लगेगा
मेरे दिल को बेचैनी हो रहा है
तेरे बिन मेरा दिन गुजर नही रहा हैं
आँखों में बेचैनी छाई है
तुम्हें देखने का मन आई है
तुम मेरे पास आ जाओ
तुम्हे अपना बना लेंगे
तुम्हें दिल से निभा लेंगे....

तुम दिल को मिला लो
हम तुम्हे अपना लेंगे
तुम्हे दिल की कसम हैं
तुम मुझे गले लगा लो
तुम्हे सीने से लगा लेंगे
तुम आ जाओ मेरे पास
तुम्हे अपना बना लेंगे....

दिल की यादों को
हम दिल में बसा लेंगे
तुम मुझे अपना हर वक़्त दे दो
तुझे अपना बनाने का
प्यार दिल में आया है
तुम चले आओ मेरे दिल में
तुम्हे अपना बना लेंगे
तुम्हें जीते जी जन्नत दिखा देंगे।।।

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
17वर्ष 22सितम्बर2016
कवर्धा छत्तीसगढ़ भारत

शुक्रवार, 16 सितंबर 2016

भारत पाक

हाईकू-भारत-पाक

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

................चाँद सबका
......हिन्दू का मुस्लिम का
................मेरी प्रेमीका

................रक्त लाल हैं
.........सारे इंसान प्यारे
.............क्यू बवाल हैं

.................भारत मेरा
...........हैं सब भाई भाई
.............कोई क्यू लड़ा

.................अमीर बड़े
............हर देश में खड़े
................और ग़रीब?

...............पाक न सही
..........मन में गर्द ना हो
.................इंसान वही

................जन एकता
.........विशेष सम्मान हैं
...............जीवन सार।

..............कर्म से प्यार
..........भाई भाई है सब
...............पाक भारत।

...............एकता पीठ
..........इंसानियत जन्म
..............लोभ विनाश।

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
   उम्र-17वर्ष
   कवर्धा छत्तीसगढ़
   8085686829

मंगलवार, 13 सितंबर 2016

हिन्दी हिन्द की शान हैं

हिन्दी हिन्द की शान हैं।

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

मैं हिन्दी
हिन्द कि शान हूँ
आपका पहचान हूँ
बुजूर्ग का सम्मान हूँ
एकता की जान हूँ
हिंदुओं की मर्यादा हूँ

मैं हिन्दी प्यासी हूँ
ठीक से चल नही पा रही हूँ
मेरे चहरे मुरझा गए हैं
आज सब मेरा अपमान कर रहे हैं
मेरी हालात का जीमेवार आप हैं
मेरी पहचान खोते नजर आने लगी।

मैं सबसे सरल सहज हूँ
मेरे बिन तो हिन्द की विनाश थी
फिर आपके मुख में हिन्दी क्यों नही?
मैं कम उम्र में बुजुर्ग नजर आने लगी
मेरी धरोहर इतिहास प्रसिद्ध हैं
फिर भी दुनिया से जाने को हूँ।

मैं हिन्द की सुत्रपात हूँ
हिन्द की शासन का हाल हु मैं
मैं हिन्द की राजभाषा हूँ
सबको प्यारी लगती हूँ
फिर भी खो रही हो
कम उम्र में बूढ़ी हो गई हूँ मैं।

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"



रविवार, 11 सितंबर 2016

अंश

*--हाईकू-ए-अंश--*
--अमित चन्द्रवंशी"सुपा"--

मरते हम
   तुम न मिले होते
        मुखर जाते।

ये सैलब से
    बिखर कर रहे
         जिंदगी जीते।

मन संचार
    चल पड़े मंजिल
           देख इंसान।

राह देखते
   खुश नजर लगे
        दिल इंकार।

सादगी जले
   मिल बैठे न हम
         रोते नजर।

सो जाते नही
    दिल लगा न बैठे
          रोने लगे है।

एक प्यार है
    तुम साथ न रहो
         जुदा होकर।

दिल्लगी तुम
    मत तोडना यार
        खो जाना नही।

ग़ुम ना जाना
   संग रह सनम
       साथ निभाना
      

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

जुदा होकर न जुदा हो सके।

कैसे कहु

-अमित चन्द्रवँशी"सुपा"

कैसे कहु
ये दफा है सजा नही
मेरे कदम डगमगाने को हैं
मुझे परवाह नही हैं
कैसे बंया करु
मेरा दिल माना नही....

      मर के भी तुम से जुदा
      न हो सका
      तेरे बिन रहके मरता गया
      पल पल ये दिल पागल हुआ
      तेरे साथ गुजरे पल याद
      आता रहा....

कहु मैं कैसे
तेरा दिल मुझसे रूह गया
तुम एक दफा आकर
मेरा सीना पिघला दिया
पत्थर स होने चला था
उसे तुने क्यों चोट दिया...
चोट दिया

      सपनो में दिख रही हो
      चाँद स माना तुझे है
      ये मेरा दिल
      तुम पे बेकाबू हैं
      हरगिज नही तोड़ूँगा
      ये दिल आज भी  जिन्दा हैं....

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

बुधवार, 7 सितंबर 2016

Some Physician by Amit Chandravanshi"Supa"'S pen...

फिजिक्स ऑफ़ लाइफ बय अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

फिजिक्स फिजिक्स करता हु
न्यूटन सर को याद करता हु
सेब गिरा था उनके सिर पर
न्यूटन के नियम फिजिक्स में...

रात को उजाले में रहता हु
थॉमस सर को याद करता हु
स्कूल से निकाले गए थे
अँधेरे में उजाला "बल्ब" का देन...

एडम्स अवार्ड से सम्मान हुए
हॉपकिन अवार्ड से देश  लौटे
"पद्म भूषण" सम्मान मिला
कॉस्मिक किरण का इंवेंशन कर...

पंखे का इन्वेंशन जापानी भिक्षुक किया
पत्ते से सही कुलिंग यन्त्र बनाया था
इस तरह कई तरह के पंखों की रचे
एसी कूलर पंखे फिजिक्स की देन हैं...

मशीन परमाणु मिसाईल निर्माण कर
दुनिया में भारत को चमका दिया
डॉ.एपीजे अब्दुल सर ने अग्नि देकर
सीवी रमन ने प्रकाश के प्रकीर्णन दिये...

केप्लर ने ग्रहो का सिद्धान्त दिया
गैलेलियो ने समांग त्वरण दिया
आइंस्टीन ने सामान्य आपेक्षिकता दिया
निकस ने पृथ्वी अक्ष पर घूमता बताये...

ब्लेज ने तरल पदार्थो का विवेचना किया
कूलाँम सर ने स्थिर वैधुत नियम दिया
डॉप्लर सर ने डॉप्लर इफ़ेक्ट ज्ञान दिए
नील्स बोर ने बोर मॉडल प्रस्तुत किया....

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

सोमवार, 5 सितंबर 2016

टीचर डे पर विशेष

खास गणेश चतुर्थी और टीचर डे पर अमित चन्द्रवंशी"सुपा" के मन से....

दिल के बहार से गणेश जी आये
साथ साथ टीचर डे साथ लाये हैं
आग़ाज हुआ हैं गणपति जी  का
दोनों मास्टर साथ साथ आये हैं
बेसक जीत हरदम सबके साथ हैं
इसलिए तो इस वर्ष साथ आये हैं।

विभिन्न पर्व में गणेश जी पहले हैं
पार्वती शिव के संतान अनुमान हैं
निष्ठा  से आग़ाज  हरदम  पहले हैं
सिर काटने से हुआ था प्रलय जी
हाथी का सिर मिला था पहले जी
उन्हें गणेश जी के गले में फिट किये।

राधाकृष्णा की याद में टीचर के सम्मान में
दीपक की तरह जलते रहे इसी आस में
टीचर डे शिक्षक दिवस का बदलता रूप हैं
समाज का न्यू शिल्पकार की तरह हैं टीचर
अनुभव से कहि ज्यादा अनुभव सागर हैं
दुनिया को नई दिशा का आग़ाज हो रहा हैं।

जुगनू की भाँति जलते रहते हैं
अपने को समेट कर दूसरे के लिए
हरदम दुनिया को नवीन ज्ञान देना
एक पल की ख़ुशी दुनिया में जीने का
टीचर का साथ दुआ है गणेश जी का
टीचर आग़ाज है जीत का  शांति का.....

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"