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शुक्रवार, 23 दिसंबर 2016

याद है बेटी की कुर्बानी

याद है बेटी की कुर्बानी

मुझे याद है कुर्बानी का दिन
जब झुलस गई थी रानी लक्ष्मी बाई
इज्जत दावा पर लगी थी
अंग्रेजो से लौह ली
अहेलिया,रानी दुर्गावती।

मुझे याद हैं कल्पना की उड़ान
पहली बेटी बनी अन्तरिक्ष में जाने वाली
अपनी अद्भत कला से
दुनिया को झुकाकर रख दी
सविता रानी भारत की पहली अंतरिक्ष महिला वैज्ञानिक बनी।

मुझे याद हैं रूद्रमादेवी की कहानी
एक बाप की मान, समाज की जान
लड़की होकर,लड़को जैसे पलिबढ़ी
दुश्मनों से लौह ली समाज कल्याण के लिए
दुनिया को सिख दी बेटी बेटे से कम नही।

7वे शिखर तक अरुणिमा चढ़ी थी
विकलांग थी और जीत गई ।

पहली महिला नेवी कैप्टन राधिका बनी
महिलाओं की आन बान और शान बनी।
ITBP में महिला जवान तैनात है
याद है मुझे वीरांगना की कहानी
याद है मुझे बेटियों की कुर्बानी

मंगलवार, 20 दिसंबर 2016

उड़ते गया

उड़ते गया

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"

पंख है
उड़ जाना हैं
स्वच्छ आकाश में
सबको दिखाना हैं
शोर अभी दिखे
रास्ते जन्म से
लंबी दूर तक
है छटा सुगन्ध का
मन में जीवन
गम की परछाई
दावत नामे थे
मंजिल जो लिखे
गुमराह न हो
रास्ते आसमां
तालुक जन्नत से ।

ये धरती आसमां
परछाई बाकि है
स्वछन्द आकाश की चिड़िया
चहक रही बार-बार
हवा मौसम बिन बरसात
किसानों की चमक
फिकी पड़ती नजर
लौट जाना वक़्त में
वफ़ात की घड़ी बेजान
हैं  सभी का अरमान।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17.5वर्ष विद्यार्थी
10:45एएम 21दिसंबर 2016
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
मो.-8085686829
मगसम-2608/2016

रविवार, 18 दिसंबर 2016

खेत अऊ किसान मनके राज

खेत अऊ किसान मनके राज

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"

आगे हवय धान लुवे के बेरा,
आगे हवय सोयाबीन काटे के बेरा।
लेदी ल फेक्टरी म देके बेरा हवय,
किसान मनके चाँदी चाँदी होंगे हवय।
रात दिन काम करथे किसान मन,
खेत म सुघ्घर सुघ्घर फसल बोथे।।

लइका मन घनवारा जाथे चिकिगुर बर,
लेदी म लपेट के छानहि म टांग देथे।
राहेर के दिन आगे हवय चना के आजहि,
लइका मन चोरये बर जाथे मझनीय कुन।
खेत म फुल फर दिखथे अब्बड़ सुघ्घर,
मोर गाँव के खेत संगी सुघ्घर दिखथे।।

अमित कहते अब धान देखे बर नही मिलय,
हारवेस्टर म कटा मिंजा के मण्डी भेज देथे।
नवा नवा मसीन आगे हवय टेक्टर फेसर,
फेर सबो काम आज मसीन म हो जाथे ।

निंदाई कोड़ाई करे बर मनखे मन जाथे,
खेत ल साफ सुधरा करके बीजा ल बोथे।
आजकल चातर अऊ जोते बर टेक्टर आगे,
बीज ल टेक्टर ले बोयें म सीधा पड़थे।
सरसों सुरजमुखी धनिया मेथी मन के पान हे,
खेत संगी सुघ्घर हरियर हरियर दिखथे।।

खेत के पार ह संगी अमित सुघ्घर दिखथे,
सरसों के फुल राहेर के पान बने दिखथे।
आगे हवय चाँदी चाँदी फसल मन के बेरा,
किसान मन के राज हवय खेत म अब्बड़।।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर,कवर्धा,छत्तीसगढ़
मो.-8085686829

गुरुवार, 15 दिसंबर 2016

दामिनी की आवाज

आज 16दिसंबर
भारत की बेटी दामिनी भारत के दिल(दिल्ली) में

थी मैं अकेले
उस ग़ुमना रास्ते में
बस के इन्तजार में
खड़ी थी अकेले
जब बस आई
5ने बहन कहकर धोखा दिया।

मेरी मौत
एक गम्भीर विनाश था
मुझे जीना था
उस दरिन्दे को सजा दिलाना था
वफ़ात करीब थी
मुझे कोई बचा नही सके।

थी मैं अंजान
थे वे बदमाश
बहन कहकर पुकारे
मैं बैठ गई बस में
मुझे कहाँ पता ?
इंसान नही हैवानियत हैं।

मैं जीना चाहती थी
पर मुझे बचा न सके
परमात्मा से विनती हैं
कोई बेटी के साथ न हो
मैं बहुत सह ली
पर कोई और नही सहे।

अंधेरे में थी
बहन बोल धोखा दिए
लगता हैं, उनके बहन नही हैं।
दरिंदों ने दौड़ाए बस
रातो रात खबर भी नही लगी
भनक भी नही लगी किसी को
थे वे काले कारनामे वाले।

लाचार थी बेबस थी
देश की बेटी थी
मेरे रक्त के कतरे को मरने मत देना
मुझे इंसाफ दिला नही सके
जेल के सलाखों में बन्द
आज भी हँसता हैं।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष विद्यार्थी
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
मो.-8085686829
10:45 एएम 16दिसंबर 2016

मंगलवार, 13 दिसंबर 2016

बाबा गुरुघासी दास....

छाता पहाड़ म बैठके ज्ञान सिखए।
जीवन ल उद्धार करे के रसता दिखए।।

चमकत दिनरात दिखत हे सुघ्घर।
जैतखाम के होकर सतनाम रहव।।

समाज के होकर रह गे बाबा तेहा।
छुआछुत ल दूर फेके तेहा बाबा।।

बरत हे जैतखाम गुरुघासी दास बाबा।
जातिपाति मटाइच जय सतनाम बाबा।

इहाँ के मन ल गुरु पाठ पढ़ाये बाबा।
संगे संग रहे के पाठ पढ़ाये बाबा ।

सात उपदेश दे हवच एक दम सुघ्घर।
मास मछली नई खाये के उपदेश बने।।

पशु पक्षी के मन ल तेहा जाने।
समाज म ज्ञान दे हवच बने तेहा।।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष   विद्यार्थी
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
मो.-8085686829




सोमवार, 5 दिसंबर 2016

मोहब्बत तुझसे हुआ हैं।

मोहब्बत तुझसे हुआ हैं

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"

दिल  कहता हैं
तेरे दिल को कहाँ पता हैं?
तु सादगी से
मोहब्बत का नशा
तु जिंदगी हैं
तु सांसो में जमी है।

तेरे हसरते भी साथ हैं
तु बेवहजा क्यों साथ हैं?
तु जिंदगी अरमान से
तुझे कहाँ पता हैं?
तेरा जन्नत कहाँ?2?

तुझे चाँद से पार जाना हैं
ये दुनिया मोहब्बत का हैं।

लोग कहते हैं कुछ कुछ
तुझे सहना पड़ता हैं
तुझे तेरे सपनो में जगना पड़ता हैं
तुझे उम्मीद है मोहब्बत का
तुझमें जुनून हैं।

तेरे खवाब अधुरे है
तु दुनिया में हिफाजत हैं
तु खुदा का नेक बाँदा हैं
तुझे सपनो में रहना है
तुझे जिंदगीभर साथ रहना हैं ।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर,कवर्धा,छत्तीसगढ़
7:00पीएम 5दिसंबर 2016
मो.-8085686829