छाता पहाड़ म बैठके ज्ञान सिखए।
जीवन ल उद्धार करे के रसता दिखए।।
चमकत दिनरात दिखत हे सुघ्घर।
जैतखाम के होकर सतनाम रहव।।
समाज के होकर रह गे बाबा तेहा।
छुआछुत ल दूर फेके तेहा बाबा।।
बरत हे जैतखाम गुरुघासी दास बाबा।
जातिपाति मटाइच जय सतनाम बाबा।
इहाँ के मन ल गुरु पाठ पढ़ाये बाबा।
संगे संग रहे के पाठ पढ़ाये बाबा ।
सात उपदेश दे हवच एक दम सुघ्घर।
मास मछली नई खाये के उपदेश बने।।
पशु पक्षी के मन ल तेहा जाने।
समाज म ज्ञान दे हवच बने तेहा।।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष विद्यार्थी
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
मो.-8085686829
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें