Hindi

मंगलवार, 13 दिसंबर 2016

बाबा गुरुघासी दास....

छाता पहाड़ म बैठके ज्ञान सिखए।
जीवन ल उद्धार करे के रसता दिखए।।

चमकत दिनरात दिखत हे सुघ्घर।
जैतखाम के होकर सतनाम रहव।।

समाज के होकर रह गे बाबा तेहा।
छुआछुत ल दूर फेके तेहा बाबा।।

बरत हे जैतखाम गुरुघासी दास बाबा।
जातिपाति मटाइच जय सतनाम बाबा।

इहाँ के मन ल गुरु पाठ पढ़ाये बाबा।
संगे संग रहे के पाठ पढ़ाये बाबा ।

सात उपदेश दे हवच एक दम सुघ्घर।
मास मछली नई खाये के उपदेश बने।।

पशु पक्षी के मन ल तेहा जाने।
समाज म ज्ञान दे हवच बने तेहा।।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष   विद्यार्थी
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
मो.-8085686829




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