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बुधवार, 22 फ़रवरी 2017

तुम से जुदा होकर रहना सीखा हैं

तुम से जुदा होकर रहना सीखा हैं,
तुम से जुदा होकर खाना सीखा हैं।

तुम न होते तो कुछ गम न होता,
तुम से बिछड़कर रोना सीखा हैं।

इसकदर तुम्हे अपना बनाये न होते,
अदावत दुनिया से करना सीखा हैं।

मिले न होते तो हम बेवफाई में
तुमसे ही रुसवाई होना सीखा हैं।

खस्ता न होता मैं बीच बाजार में,
मैं निजात नही होना सीखा हैं।

तेरा बयान नही है 'अमित'
तुने जुदा न होना सीखा हैं।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
मो.-8085686829
मगसम-2608/2016
समय-17:45 22/02/2017

शब्दार्थ
अदावत - दुश्मनी
रुसवाई - बदनामी
खस्ता - कमजोर
निजात - मुक्ति


रविवार, 12 फ़रवरी 2017

नेता

नेता

नेता नही समाज सेवक चाहिए
बात नही काम करने वाला चाहिए।

आज नेता नेता  नही अभिनेता  बन जाता हैं,
रातों रात सभी को अपनी ओर लुभा लेता हैं।
चारों ओर अपनी जाल इस तरह बिछा लेता हैं,
काम का नही होता है फिर भी राजनेता बन जाता हैं।

नागरिकों का भलाई नही  दुर्दशा करता हैं
5साल के राज में अपने क्षेत्र को खोखला कर देता हैं
नेता नही अभिनेता चाहिए जन का सेवक चाहिए
राज नही देश की सेवा करने वाला राजनेता चाहिए।

नेताजी का तुलादान तो एक के लिए बस सुना है,
आज वैसे नेता कहाँ ? जो देश के बारे में सोचे
आज पैसा सब कुछ बोलता है राजनेता का,
गुंडों के दम में पुब्लिसीटी मिल जाता है।

अपराधिओं को सजा दिलाने वाला नेता चाहिए,
दामनी को न्याय दिलाने वाला राजनेता चाहिए।
मजदूरों को उनका हक दिलाने वाला चाहिए,
सबको समानता दिलाने वाला राजनेता चाहिए।

भाषण देने वाला नही जमीन में काम करने वाला चाहिए,
राज नही भाई-भाई समझने वाला राजनेता चाहिए।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर , कवर्धा , छ.ग.
मो.-8085686829
मगसम-2608/2016
Email: Amitchandravnshi75@gmail.com
www.Amitchandravnshikesathdopal.blogspot.com