एक कार्य की देन 15 अगस्त पर
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
मुक्त आकाश में उड़ चला है
उतरेगा तो जमीं पर ही ना
जमीं पर चल आकाश में उड़
दुनिया की ख़ुशी देखकर
एवन बने का सपना दिल से
आखिर स्वतन्त्र तो हो गए ।
बस नही देश का ख्याल तो
अपने एरिया को तो देख
रोज़मरहे की जिंदगी से निकल
दुनिया की छवि को देख
कैसे कोयले की तरह हो रहा
ये भारत गरीबी से लड़ नही रहा।
15अगस्त तो धुमधाम से मनाते
फ्लैग को जमीं पर फेक कर
उस गरीब को बस पैसा देना
जमीं पर ना सही मूल्य चूका देना
देश की बढ़ते बेरोजगारी पर
जमीं पर उड़ना मत आसमां बाकी है।
आसमां सरलता से पार करना हैं
बेसक जमीं पर चलना सीख
उड़ेगा तो जमीं पर ही गिरेगा
देश की जनता पर गौर कर
कुछ खर्च वेस्ट करने का सोच
एकता पर जोर दे गरीबी दूर कर।।
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
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