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गुरुवार, 25 अगस्त 2016

मजदुर प्यार सा

मजदुर प्यार सा

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

अपने लिए कभी जीये नही
दूसरे के लिए पल पल जीये
हर पल दुसरे के लिए किये काम
उन्हें क्या मिला दोपल का आराम नही।

            जरूरत का ध्यान दिए
            मैं मैं कभी नही किये हैं
            सम्मान की चाह नही
            दुसरो के लिए फिर भी जीये।

हीरा निकल दोगलई नही
खेत में काम कर अनाज दिए
पल पल दुनिया का उथान किये
चाह कर भी अपने लीये नही जीये

              मौत के मुँह में घुस गये
              कोयल से हीरा निकाल
              क्या मिला उन्हें प्यार
              दुसरे के लिए किये।

जीवन का हर पल संजोया
दिन रात मेहनत कर दिया
सात अजुबे का निर्माण कर
फिर भी अपने लिए नही जीये।

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

              

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