खो जाऊँगा पंछी की तरह मुक्त आसमान में
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
अजीब प्यार,
तुम खो गए अभी,
दिल माना हैं।
रास्ते बन्द हैं,
आने का मन अभी,
तेरे फिजाओं।
सब झुठे हैं;
झुठे सब याद के,
वादे याद हैं।
खो न गए हो,
दिल बोझ लगा हैं,
वादे समेटे।
खो न जाता मैं,
तुम साथ न होते,
रोते नही हैं।
झुठे निकले,
कोई गल नही हैं,
याद साथ हैं।
सितारे बने,
इश्क़ तेरे खातिर,
तेरे बिन मैं।
सोच न था मैं,
खो जायेंगे न हम,
रात जगा मैं।
प्यास नही हैं,
जी कर के करे क्या?
खो गए आज।
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
उम्र-17वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर,कवर्धा जिला-कबीरधाम
छत्तीसगढ़ मो.-8085686829
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