Hindi

शनिवार, 8 अक्टूबर 2016

खो न जाता इसकदर मैं तुम साथ न होते।

खो जाऊँगा पंछी की तरह मुक्त आसमान में

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

अजीब प्यार,
तुम खो गए अभी,
दिल माना हैं।

     रास्ते बन्द हैं,
     आने का मन अभी,
     तेरे फिजाओं।

  सब झुठे हैं;
  झुठे सब याद के,
  वादे याद हैं।

   खो न गए हो,
   दिल बोझ लगा हैं,
   वादे समेटे।

खो न जाता मैं,
तुम साथ न होते,
रोते नही हैं।

झुठे निकले,
कोई गल नही हैं,
याद साथ हैं।

  सितारे बने,
  इश्क़ तेरे खातिर,
  तेरे बिन मैं।

सोच न था मैं,
खो जायेंगे न हम,
रात जगा मैं।

  प्यास नही हैं,
  जी कर के करे क्या?
  खो गए आज।

-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
उम्र-17वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर,कवर्धा जिला-कबीरधाम
छत्तीसगढ़ मो.-8085686829


    
  
        

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें