ये दिल तेरे इश्क़ में गुनाहा किया
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
ज़रा - ज़रा में इश्क़ है
तुम दिल को भीगा दो
तुम दिल को मिला लो
तेरे गम में आज रोना हैं।
तनहाई कटे दिन रात से
तेरे इश्क़ में बेगाना हुआ
दिल तेरे लिए मर गया
दीवान-ए-दीवान हुआ।
रातों में जगते थे हम
तेरे इश्क़ में तनहा हुआ
रात दिन का पता नही
तेरे इश्क़ में दीवान हुआ।
साँसों में बसी हो तुम
मेरे आँखों में अब तुम
हर घड़ी हो तुम साथ
इश्क़ हैं मैदाने-ए-जंग।
रुख्सत न होना तुम
मेरे दिल में फिजाओं में
तेरे लिए मैंने रोया
तेरे बिन मेनु न जीना।
अल्फ़ाज बना लो तुम
तेरे इश्क़ में रोया हैं
तुम साथ न होते हो
मेरा दिल बेगाना लगता हैं।
-अमित चन्द्रवंशी"सुपा"
उम्र-17साल 'विद्यार्थी'
रामनगर, कवर्धा जिला-कबीरधाम
छत्तीसगढ़ मो.-8085686829
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