26/11 की याद में विशेष
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
न मैं हु मुस्लिम न हु हिन्दू,
मेरा धर्म है मानवता का।
मुझे कुचल दिए उस टर्मिनल में,
मेरे साथ गए भारतीय।।
छुपा था एक कोने में,
एक छोटा स बालक।
कच्चे उम्र में पकड़ा था,
जवानी भी नही आई थी।।
इन्तकाल का मंजर था,
एक पल में सब डूब गया।
बॉम्बे के आजाद टर्मिनल में,
अंधाधुन फायरिंग हुआ ।।
भारत का सेकंड ताज,
26/11 को रक्त से रंग गया।
हजारो लोग भगदड़ में थे,
कच्चे उम्र में फायरिंग किया।।
चुन चुन के मारे थे,
बच्चों को भी नही छोड़े।
काली घटा छाई थी,
अस्पताल में 'अमित' लाश पड़ी थी।।
बक्शे नही किसी को,
फिर भी देते है मैत्री।
शाँति रहना हमसे सीखे,
नही तो पाक तेरा खाक भी नही होगा।।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर,कवर्धा,छत्तीशगढ़
मो.-8085686829
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