शत्-शत् नमन्!
दर्दनाक हादसा
13अप्रैल 1919 भारत देश की काले पन्ने पर लिखा इतिहास,
बैशाखी का दिन था अमृतसर में मेला लगा था।
जलियाबाग में भाषण सुने के लिए हजारो लोग इकट्टे थे,
ब्रिगेडियर जनरल रेजीनॉल्ड
डायर के नेतृत्व में अंग्रेजी फौज ने गोलियां
चला के बड़ी गलती किये।
ब्रिटिश इतिहास की यह एक
शर्मनाक घटना थी,
साथ ही साथ मेरे देश की आजादी सबसे बड़ी ज्वला थी।
चलते गए इस घटना से कोई खामोश नही बैठे,
देश को आजदी दिलाने का जुनून दिल और दीमक में बैठ गया।
हाजरो जवानों ने आजदी की संघर्ष में आपना अमूल्य हाथ थाम दिए,
देखते देखते मेरे देश में आजदी की जुनून छाने लगा।
किसी की जान की परवह किये बिना गोली चला दिए थे,
मेरे मूलक के लोग भाग ना सके आखिर रास्ते सिर्फ एक थे।
और तो और कुँए में बचने के लिए कुछ लोग खुद गए,
धीरे-धीरे कुँए लाशो से भर पड़े थे भागने के लिए रास्ते बंद थे।
-अमित चन्द्रवंशी
(8085686829)
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