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सोमवार, 4 अप्रैल 2016

दोस्ती का पैगाम

दोस्ती की पैगाम

कभी हम अपनों से अंजान होते है,
दूसरा कोई हमारा सम्मान होता हैं
दुआ में जिनके साथ हम आये  है,
दुसरो को हम साथ फरियाद हैं।

जिनके साथ हम जिंदगी भर होते है,
दोस्तों के साथ दो पल होते है
मुक़म्मल से  जिन्हें हम साथ होते है,
पल पल हर पल जिंदगी सम्मान होते हैं।

दोस्ती की जिंदगी एक पल अजुबा हैं,
समय व्यतीत दोस्ती के पैगाम हैं
ये दुनिया जीने की मुक़म्मल हैं,
इस दुनिया में हम दोस्तों के राही हैं।

दोस्ती दिलो की याद होती हैं,
जीवन जीने की अरमान होती हैं
दुनिया में शियस्त से दोस्त पहचान होते हैं,
जीवन में दोस्त हौसले के उड़ान होते हैं।

जीने की सिलसिला दोस्त के साथ,
दुनिया से पहचान दोस्त बनाते है
दुनिया में काबिल से दोस्त मिलते है,
जीने की हौसले में दोस्ती सितारे होते है।
             -अमित चन्द्रवंशी

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