लोकतंत्र
इतिहास गवाह है भारत की लोकतंत्र की,
समाजिकता लिए हुए है मौलिकता की।
पूरी दुनिया गवाह है हमारे लोकतंत्र के लिए,
सारी जमीं पर छाया हुआ है हमारा एकता।
न किसी से बेर न किसी से झगड़ा,
अनेकता में एकता का छटा लिये हुए।
मिसाल है तिरंगे का हर शब्द का मोल है,
यह कोई परदेश नही सबका वतन है।
शहादत को नमन् करती लोकतंत्र हमारी,
पुरुषप्रधान देश है पर बेटा बेटी तोला नही ।
स्वछंद है आजाद है सभी को समान अधिकार है,
जनमानस की भावनाओं से भरा है लोकतंत्र।
नैतिकता की गाथा, अद्भुत भारत की कल्पना,
सभी दिशाओ में रंग रूप जाति का भेदभाव नही।
अभिमान है सारी दुनिया को नजर लगाए हुए है,
स्मरणीय , सोचनीय योग्य है हमारा लोकतंत्र।
सौंधी सौंधी खुश्बू आती है सविंधान से,
आजाद रहना सबको दिल से भाता हैं।
आत्यचार को दूर फेक एकता का रूप हैं,
हिन्दू ,मुस्लिम,सिख तथा ईसाई सब एक है।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर,कवर्धा, छत्तीसगढ़
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