नवा बछर आगे
हर साल आथे नवा बछर
फेरभि मनाथन नवा बछर।
काम-बुता करत रहिथेन
एक लिसहनी फेर चढ़गेन।
उमर के बछर कम होंगे
नवा बछर फेर आगे।
जिन्गी के रद्दा गढ़बो
आगु हिरू-हिरु बढ़बो।
नवा बछर म नवा काम करबो
रतिया-दिन सुघ्घर-सुघ्घर रहबो।
12महीना के एक बछर
अजब-गजब दिन देखेला मिलथे।
100बछर के एक एक सदी
हिरु-हिरु बदल जाहि सदी।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
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