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रविवार, 1 जनवरी 2017

2k17 की मेरी पहली कविता

2k17 की मेरी पहली कविता

प्रातःकालीन सुरज ने 2k16 को किया अनदेखा,
आपके समक्ष प्रस्तुत हैं 2k17 की गरिमा खुशिया।

एक जनवरी याद में रहेगा हरबार,
साथ में होगा सभी का प्यार-दुलार।
खुशियो को कभी न लगे नजर,
मुबारक हो नया साल का लहर।

आशा की किरण कभी न थके,
जीवन में हमेशा सत्य होकर चमके।
चेहरे की चमक हमेशा बने रहे,
बगिया में फुल हमेशा खिलता रहे।

अल्लाताला आपके साथ है।
ख़िदमत तुझे करना हैं।
रास्ते ढूँढ़ना है तुझे मंजिल का।
साथ होगी दुनिया एकदिन।

सत्य अहिंसा के साथ हमेशा रहो।
कल्याण की भावना हमेशा रहे।

मन में जीत का दिया जलालो।
तुम्हे कोई नही रोक सकता है।
आगे तुझे बढ़ना है मंजिल तेरा हैं।
दुनिया साथ चले आयेगी।

साल धीरे-धीरे बीत जायेगी।
एक दफा फिर सदिया बदल जायेगी।
वक़्त नही है ठहरने का।
मंजिल तुम्हे मिल जायेगी।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष 'विद्यार्थी'
रचना का समय- 12:30पीएम
1जनवरी 2017 रायपुर
मगसम-2608/2016

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