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शुक्रवार, 29 जुलाई 2016

मेरा वतन

मेरा वतन
             -अमित चन्द्रवंशी"सुपा"

मेरा धरती मेरा अंबर लाखो में है सुन्दर,
एकता अखण्डता के लिए सबसे सुन्दर।
मेरा वतन दुनिया में है सबसे चंचल परी,
अपनी संस्कृति के लिए दुनिया का परी।।

मन पंक्षी उड़ाजा पवन में ये तेरा वतन हैं,
सबसे  चहल-पहल इस वातावरण  में हैं।
स्वर्ग से भी सुन्दर मेरा भारत राजा सा है,
दुनिया  की सभी संस्कृति विराजमान हैं।।

आओ भारत को स्वर्ग बनाये विश्वगुरु को,
भागीरथ को भू चल से दुनिया में राज करे।
इस दुनिया को सबसे सुन्दर स्वच्छ बनाये,
आओ गरीबी  का अंत जड़  से खत्म करे।।

अत्याचार बंधवा मजदुरी बाल मजदुरी पर रोक,
आओ मिलकर सब आगे बड़े और जड़ से खत्म करे।
सभी को आजादी से रहने का पनहा दे,
गरीबी का अंत जड़ से मसला हल करे।।

भारत की प्रकृति कितना निराला हैं
उत्तर में धरती का स्वर्ग कश्मीर अनमोल हैं,
पूर्व में थार का मरूस्थल बड़ी वीरान हैं।
साउथ में भारत का प्रमुख स्थल जल हैं,
पच्चिम में वनों से घनघोर घटा छाई हुआ हैं।
                 -अमित चन्द्रवंशी"सुपा"   Amitchandravanshikesathdopal.blogspot.com Amitchandravanshi989.blogspot.com Jindgaikesathkhilwaad.blogspot.com

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