"मेरे देश में आज कैसा होली है रक्त की या रंग की"
शहीदों की याद में मेरा देश रोया था,
सरहद पर मेरे देश की इज्जत खड़ी थी,
मेरे देश में आज कैसा होली है रक्त की या रंग की?
भूल गए वो दिन जब सरहद पर गोली चली थी,
देश की इज्जत और सम्मान में जवान तैनात थे,
मेरे देश में कैसा होली गरीब या अमीर की?
देश में शहीदों की याद में मौन हो जाते है,
मेरे मुल्क में शहीदों का सम्मान बरकरार हैं,
फिर आज कैसी होली है मेरे मुल्क में?
कैसे खेल होली मेरा देश आज रोया था?
जवान ने होली के दिन सरहद में गोली झेले हैं,
मेरे देश में आज फिर रक्त और रंग की होली हैं।
देश की धड़कन को सजक करने के लिए ,
जवानो ने सरहद में जागे और पहरा दिए,
फिर वे दिन कैसे भूल गए जब मेरा मुल्क रोया था?
देश की जवान ने खून की होली का माजरा देखा हैं,
होली था या बर्बादी था मेरा देश जिस दिन रोया था?
वक्त के पाबंद थे होली की आस में जवान सरहद पर लड़ रहे थे।
-अमित चन्द्रवंशी
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