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बुधवार, 18 अक्टूबर 2017

दीप दान का पर्व

दीप दान का पर्व दीवाली....

सरहद में तैनात जवान के नाम,
यह पर्व खुशी उनके परिवार के नाम।
उमंग खुशियों का पर्व,
सादगी की अहसास कराती,
प्रज्वलित दीप उनके नाम।

लोगो की एकजुटता का पर्व,
प्रेम भाईचारे एकता का संचार।
चारो दिशा में जलते दीप,
शांति की सीख देते हुए दीप का पर्व,
वसुधैव कुटुम्बकम् से ओतप्रोत।

सभी के चेहरे में चमक लाये,
कोई भी अछूता न रहे प्रेम पर्व से।
इस दीवाली रंगभेद व जातिभेद
का भेदभाव मिटा देना,
थोड़ा स खुशियां गरीबो के चेहरे
पर लाना।

जिनके कारण हम स्वतंत्र है,
उनके नाम का दीप जला देना।
सरहद में तैनात जवान की,
सलामती के दुआ करना,
एक दीप जला देना।

हमारी खुशी के लिये खून की होली खेल,
सीमा में घुसपैठ आतंकियों को मार।
अपने लिए कभी न जीये,
हमारी खुशियों के लिए जीवन का त्याग,
इस दीवाली उनके नाम कर देना।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष 'बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र'
रामनगर, कवर्धा,छत्तीसगढ़
मो.-8085686829
ईमेल-Amitchandravanshi74@gmail.com

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